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Six Darshan Books Complete Set (Printed)
Six Darshan Books Complete Set (Printed)
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षड्दर्शन का संक्षिप्त, सरल और सुन्दर परिचय
भारतीय संस्कृति और वैदिक वाङ्मय से जुड़े हर व्यक्ति के लिए छः दर्शन या षड्दर्शन अत्यन्त महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ये सभी दर्शन वेदों को प्रमाण मानते हैं, इसलिए इन्हें वैदिक दर्शन भी कहा जाता है।
ये छः प्रमुख दर्शन हैं— न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा और वेदान्त।
इन छः दर्शनों का आशय उन सूत्र-ग्रन्थों से है जिन्हें महर्षियों ने अपने गहन तप, अनुभव और ज्ञान के आधार पर रचा—
न्याय सूत्र — महर्षि गौतम
वैशेषिक सूत्र — महर्षि कणाद
सांख्य सूत्र — महर्षि कपिल
योग सूत्र — महर्षि पतंजलि
मीमांसा सूत्र — महर्षि जैमिनि
वेदान्त/ब्रह्मसूत्र — महर्षि व्यास
कालान्तर में इन सूत्र-ग्रन्थों पर अनेकों विद्वानों ने भाष्य, टीकाएँ और विस्तृत व्याख्याएँ लिखीं; फिर भी एक ऐसा भाष्य अपेक्षित था जो दर्शन के गूढ़ रहस्यों को सरल, सुबोध, और विवेचनात्मक शैली में प्रस्तुत कर सके।
ऐसी ही आवश्यकता को पूर्ण करते हैं— आचार्यप्रवर पं. उदयवीर शास्त्री।
आचार्यजी दर्शनों के मर्म को भली-भाँति जानने वाले, गहन चिन्तनशील और विषय-तत्व के सिद्धहस्त विद्वान थे। उनके द्वारा रचित विद्योदय भाष्य छः दर्शनों पर किए गए दीर्घकालीन मनन, चिन्तन और साधना का अमूल्य परिणाम है।
इन भाष्यों में—
सूत्रों के शब्दों का सन्दर्भानुसार सही अर्थ निकालकर,
सिद्धान्त एवं अनुप्रयोग—दोनों पक्षों का सुंदर समन्वय करके,
दर्शन के कठिन विषयों को भी आसानी और स्पष्टता के साथ समझाया गया है।
इस कारण ये भाष्य न केवल शास्त्र-विहित और परम्परानुकूल हैं, बल्कि विज्ञानसम्मत और तार्किक भी हैं। इनके अध्ययन से अनेक सूत्रों के अर्थ खुलकर सामने आते हैं, और दर्शन जैसा गंभीर विषय भी साधारण जिज्ञासु के लिए सरल हो जाता है।
A set of Six Darshan books (Yog, Nyaya, Sankhya, Vaisheshik, Vedant, Mimansa )
दर्शन भाष्य (योग, न्याय, सांख्य, वैशेषिक, वेदान्त, मीमांसा)
Author : Acharya Udaiveer Shastri |आचार्य उदयवीर शास्त्री
Language : Hindi
Binding : Hardback
Edition : 2023
Pages : 3518
Sizes : 23cms x 15cms
Weight : 4650 gm
Price : Rs 2500.00
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